आस्था और श्रद्धा भाव ने भीषण महंगाई और आर्थिक किल्लत की परवाह नहीं की, पूरे उत्साह से की गई माता की पूजा अर्चना और उठाए गए मेलों के लुफ्त
सीमांचल (विशाल/पिंटू/विकास)
सीमांचल पूर्णिया प्रमंडल के चारो जिलों में दुर्गा पूजा महोत्सव पूरे धूम धाम से मनाया गया। एक ओर इस सीमांचल के ग्रामीण क्षेत्रों में जहां विभिन्न नदियों की बाढ़ और कटाव की विनाशकारी लीला सहित भीषण महंगाई और आर्थिक किल्लत से जूझती सीमांचल की जनता ने मायूसी पूर्वक इस बार के दशहरा पर्व को मनाने की मजबूरी उठाई वहीं दूसरी ओर सीमांचल के चारो जिले के शहरी क्षेत्रों में दुर्गा पूजा महोत्सव पूरे धूम धाम और उत्साह के साथ मनाया गया।
यूं तो इस बार की भीषण महंगाई और आर्थिक किल्लत के बाबजूद सामान्य नागरिकों ने दुर्गा पूजा के अवसर पर माता की कृपा से अपने उत्साह को टूटने नहीं दिया वहीं दूसरी ओर भरपूर उमंग इस बार पैसे वाले अमीरों के बीच ज्यादा सिमटे दीखे।
गरीब गुरबे से लेकर सामान्य लोगों ने इस बार अपनी अपनी क्षमता और श्रद्धा के मुताबिक मंदिरों और पूजा पंडालों में जाकर दुर्गा माता की पूजा अर्चना की। फूल पान परसाद का चढ़ावा चढ़ाया , खिचड़ी परसाद को ग्रहण किया और दसवीं के दिन दुर्गा पूजा महोत्सव की इतिश्री कर दिया।
सीमांचल भर में पूर्व की भांति इस बार भी जगह जगह मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित किए गए और पूजा पंडालों की भरमार रही।
सभी स्थानों पर पूर्व के वर्षों की भांति इस बार भी श्रद्धालूओं की अपार भीड़ जुटी और इस अवसर पर आयोजित मेलों में आम आवाम की भीड़ भी अप्रत्याशित दिखी।
मंदिरों से लेकर पूजा पंडालों में पान फूल परसाद के लिवालों की भीड़ ऐसी उमड़ी रही कि चढ़ावा चढ़ाने वालों को पंक्तियों में पूजा करने की मजबूरी उठानी पड़ी।
प्रशासन और पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी से पूर्णिया सहित पूरे सीमांचल में दुर्गा पूजा का त्यौहार शांति और सौहार्द पूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया।



